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Monday, 18 November 2013

संकेतक की कविता

बच्चों ने कितना सीखा, ये संकेतक बतलाते हैं,
पाठयक्रमीय लक्ष्यों को हासिल करने के नाते हैं।
अब तक मैंने इतना सीखा, जाना या फिर पहचाना,
इसकी सम्यक समझ न जिनकों, राहों में रह जाते हैं।।

बहुत जरूरी हम शिक्षक हित संकेतक का ज्ञान है,
अब प्रकरण पर नहीं प्रकि्रया पर ही देना ध्यान है।
कितनी हुयी प्रगति अब तक होती इससे पहचान है,
मेरा तो मन्तव्य यही, ये CCE की जान है।।

Composed by - बिन्देश्वरी प्रसाद,
ए0बी0आर0सी0-पिण्डरा,
वाराणसी।

Shared by - महमूदुल हक
स0अ0, पू0मा0वि0-मुजेहनी,
बलरामपुर।

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